एकादशी सितम्बर 2023 कब है- Ekadashi September 2023 Kab Hai - hindigyan24

एकादशी सितम्बर 2023 कब है- Ekadashi September 2023 Kab Hai

Ekadashi September 2023 Kab Hai

सितंबर 2023 में एकादशी कब है?- Ekadashi September 2023 Kab Hai

दोस्तों आपको जानकारी करदें की सितंबर 2023 के महीने में दो एकादशियाँ हैं: आइये जानते है कौन कौन है

Aja Ekadashi

कई लोगो का सवाल होता है की Aja Ekadashi kab hai आपको बता दे की Aja Ekadashi 9 सितंबर को शाम 7:17 बजे शुरू होगी और 10 सितंबर को रात 9:28 बजे समाप्त होती है।

Parsva Ekadashi

Parsva Ekadashi 25 सितंबर को सुबह 7:55 बजे शुरू होती है और 26 सितंबर को सुबह 5:00 बजे समाप्त होती है।

आपको बता दे की उपवास एकादशी हिंदू धर्म में उपवास और आध्यात्मिक पालन का दिन होता है। और इस एकादशी की उपवास ब्रह्मांड के संरक्षक भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होती है।

और आप सभी को ये जानकारी होना जरुरी है की ये व्रत चंद्र पखवाड़े के 11वें दिन, शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों के दौरान मनाया जाता है।

कई लोग एकादशी अलग अलग तरीके से मनाया करते है यानि के एकादशी मनाने के कई अलग-अलग तरीके शामिल है। कुछ लोग ऐसे होते है जो सभी भोजन और पानी से उपवास करते है

तो कुछ लोग ऐसे होते है केवल अनाज और फलियों से परहेज करते है। कुछ लोग कई लोग इस दिन विशेष पूजा या अनुष्ठान करना भी चुनते हैं।

आपको जानकारी करदे की अजा एकादशी को कई नाम से जाना जाता है। जैसे की “अमितफास्ट” या “अजा दशमी” hindu granth में कहा जाता है

की जो भी व्यक्ति या महिलाये इस ब्रत को रखते है उनको मोक्ष यानी जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलता है।

और आपको ये भी बता दे की पार्श्व एकादशी को दो नाम से जाना जाता है। जैसे की अपरा एकादशी” या “पार्श्व दशमी” और जो लोग इस ब्रत को रखते है उनको बाधाओं को दूर कर जीवन में सफलता प्राप्त मिलता है।

अगर आप चाहे तो सिर्फ फल खा कर भी ब्रत रह सकते है। सबसे जरुरी बात ये है की आप अपने मन को कैसे सुद्ध रखते है और भगवान विष्णु को प्रसन्न कैसे करते है। इनके बारे में सोच चाहिए।

अगर आपका इरादे शुद्ध दिल और भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के सच्चे इरादे है तो एकादशी ब्रत का लाभ मिलेगा। और आपका शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध और सही रास्ता मिलता है। और अपने जीवन में आशीर्वाद ला सकते हैं।

एकादशी व्रत के कुछ लाभ- Ekadashi ke faide

  • ब्रत रहने से शरीर और मन शुद्ध होता है
  • ब्रत इंद्रियों को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • ब्रत आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देता है।
  • ब्रत अच्छा स्वास्थ्य और दीर्घायु लाता है।
  • ब्रत किसी के जीवन से बाधाओं को दूर करने में मदद करता है।
  • ब्रत मोक्ष, या जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति प्रदान करता है।

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