चंद्रयान 3 क्या है ? Chandryan 3 Hai Kya - hindigyan24

चंद्रयान 3 क्या है ? Chandryan 3 Hai Kya

चंद्रयान 3 क्या है ? Chandryan 3 Hai Kya

स्वागत है आपको इस ब्लॉग में आजकी इस लेख में हम आपको Chandrayan 3 Kya Hai इसके बारे में बताने वाले है। Chandrayaan 3 हर भारतीय को गौरभांवित करने वाला एक बेहद ही महत्वपूर्ण मिशन है।

ये मिशन सिर्फ इंडिया में ही नहीं बल्कि पुरे दुनिया में उत्साह और जिज्ञासा पैदा कर रहा है। Chandrayaan 1 और Chandrayaan 2 भी एक सफल मिशन था। लेकिन अब इस बार Chandrayaan 3 नया मिशन है।


ये मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के दवरा बिकसित किया गया है। इस मिशन में ISRO ने vikram lander को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक लैंडर और रोवर को भेजा है।

चंद्रयान-3 का मुख्य उद्देश्य

कई लोगो का सवाल होता है की आखिर इंडिया इतना ज्यादा पैसा चाँद के ऊपर क्यो खर्च कर रहा है। आखिर चंद्रयान-3 का मुख्य उद्देश्य क्या है। ये सवाल अक्सर लोगो का होता है। तो आपको बता दे की चंद्रयान-3 का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह और उसके वातावरण का अध्ययन करना है

यानि की चाँद में किस तरह का वातावरण है और kya chand par pani hai यह सभी पता लगाना ही ISRO का उद्देश्य है।

  • चाँद की संरचना और खनिज विज्ञान का अध्यन
  • चाँद की दक्षिणी ध्रुव पर पानी है या नहीं ये पता करना
  • चंद्रमा के चुंबकीय क्षेत्र का अध्ययन
  • चंद्रमा के वातावरण का अध्ययन
  • चाँद की मिटटी का अध्यन

चंद्रयान-3 को कब लॉन्च किया गया था ?

चंद्रयान-3 को 2023 जुलाई 14 को लांच किया गया था। आपको बता दे की ये ISRO का तीसरा मिशन है। इससे पहले चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 पहले ही सफलतापूर्वक लॉन्च किया जा चूका है और chandrayan 1 ने चंद्रमा की सतह का मानचित्रण किया और

चंद्रमा में पानी की मौजूदगी का पता लगाया और सबको चौका दिया और चंद्रयान 2 ने दक्षिणी ध्रुव पर एक रोवर को भेजा था लेकिन कुछ टेकिन्कल एरर की वजह से लैंडर हादसे का शिकार हो गया था

चंद्रयान-3 को किस रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया ?

दोस्तों चंद्रयान 3 को GSLV Mk III रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया था। ये बेहद ही शक्तिशाली राकेट है। इस राकेट पर पहला चरण दो तरल-ईंधन वाले रॉकेट इंजनों द्वारा संचालित किया गया था।

और वही दूसरा चरण एक ठोस-ईंधन वाले रॉकेट इंजन द्वारा संचालित किया गया था। और अंत में तीसरा चरण एक क्रायोजेनिक इंजन द्वारा संचालित किया गया था

दोस्तों चंद्रयान 3 में लैंडर को चाँद पर उतरने के लिए स्वचालित प्रणाली से लैस किया गया है और ये सुरक्षित रूप से उतरने में सक्षम हो सकता है। दोस्तों आपको जानकारी करदें की लैंडर में एक पेलोड मॉड्यूल भी है। जिसमे वैज्ञानिक उपकरण को रखा गया है। ये रोबर की गति और वैज्ञानिक प्रयोग कर सकेगा।

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और रोवर में एक पेलोड मॉड्यूल भी होगा, जिसमें वैज्ञानिक उपकरण होंगे। 23 अगस्त को चंद्रयान 3 चाँद की सतह पर उतरेगा

चंद्रयान-3 एक महत्वपूर्ण मिशन

दोस्तों आपको बता दे की चंद्रयान-3 एक बेहद ही महत्वपूर्ण मिशन है, और ये मिशन भारत को अंतरिक्ष में अपनी क्षमताओं को और बढ़ाने में मदद कर सकता है।

चंद्रयान 3 मिशन में कई सारे राज पता लग सकता है। दोस्तों ये एक बेहद ही बड़ी उपलब्धि है। इंडिया अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आने वाले समय में काफी आगे बढ़ सकता है

चंद्रयान-3 के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • ISRO के संस्थापक विक्रम साराभाई के नाम पर लैंडर का नाम विक्रम रखा गया है
  • और रोवर का नाम प्रज्ञान रोबर रखा गया है इसका अर्थ संस्कृत में ज्ञान होता है।
  • इस मिशन का लागत करीब ₹6000 करोड़ है
  • लैंडर और रोवर दोनों एक साथ लांच होगा लेकिन बाद में अलग होंगे
  • लैंडर पर करीब 11 वैज्ञानिक उपकरण होंगे। और रोवर 6 वैज्ञानिक उपकरण ले जाएगा

निष्कर्ष

तो दोस्तों आजकी इस लेख में हमने chandryan 3 hai kya इसके बारमें जाना है , और चंद्रयान का ये मिशन भारत और पुरे दुनिये के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण मिशन है। इस मिशन में भारत का ये चंद्रयान कई सारे टेस्ट करने वाला है। 23 अगस्त को लैंडर चाँद की सतह पर उतरेगा। तो हमें पूरा बिस्वाश है की आपको ये लेख पसंद आया होगा। ऐसे ही जानकारी के लिए हमारे साइट में विजिट करते रहें

FAQ

चंद्रयान-3 का उद्देश्य क्या है?

चाँद की संरचना और खनिज विज्ञान का अध्यन
चाँद की दक्षिणी ध्रुव पर पानी है या नहीं ये पता करना
चंद्रमा के चुंबकीय क्षेत्र का अध्ययन
चंद्रमा के वातावरण का अध्ययन
चाँद की मिटटी का अध्यन

चंद्रयान-3 को कब लॉन्च किया गया था ?

चंद्रयान-3 July 14, 2023 लॉन्च हुवा

चंद्रयान-3 चंद्रमा पर कब उतरने की उम्मीद है?

चंद्रयान-3 चंद्रमा पर August 23, 2023 उतरने की उम्मीद है?

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